दुकानें ही नहीं, सपने भी खाक

दुकानेंं ही नहीं, सपने भी खाक

मुंबई के व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में लगी आग से जालोर के व्यापारी प्रभावित
जालोर जिले के भीनमाल, रानीवाड़ा, बागोड़ा, सांचौर, जालोर और आहोर उपखंड के रहने वाले हैं व्यापारी

भीनमाल/सांचौर(जालोर)

दक्षिण मुंबई के मनीष मार्केट, सारा सहारा शॉपिंग कॉम्पलेक्स और मेहता मार्केट में 26 नवंबर तड़के लगी आग के कारण जालोर जिले के प्रवासियों का भी खासा नुकसान हुआ है। इन जगहों पर सर्वाधिक दुकानें जालोर जिले के लोगों की थी। जो आग की भेंट चढ़ गई। कई सालों पहले वहां जा बसे इन लोगों ने यहां अपनी दुकानें खोल रखी थी। जिनमें अधिकांश मोबाइल शॉप और कपड़े के शो रूम थे। दुकानों में आग लग जाने के कारण इन लोगों को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार इन मार्केट में पूरे जिले की करीब पांच सौ दुकानें हैं। जिनको आग से नुकसान हुआ है। इसके अलावा जिले के करीब पांच हजार परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से यहां रोजगार से जुड़े थे। ये सभी जिले में भीनमाल, रानीवाड़ा, बागोड़ा, सांचौर, जालोर और आहोर उपखंड के रहने वाले हैं। हालाकि घटना रात के समय होने के कारण इसमें जान का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन बरसों से की गई मेहनत और सपनों को जलता देख वहां बसे प्रवासी आहत हैं।

मदद के लिए जुटा जालोर

इधर, प्रवासियों के साथ इस हादसे के बाद जिले भर के लोगों को चिंता हो उठी। लोगों ने अपने रिश्तेदारों को फोन पर ढांढस बंधाया तो मदद को भी हाथ बढ़ाए। इस दुखद घड़ी में प्रवासियों को मजबूती प्रदान करने के लिए रविवार को गायत्री परिवार की एक बैठक गायत्री मंदिर प्रांगण में हुई। बैठक में घटना में प्रभावित लोगों को शक्ति प्रदान करने के लिए मां गायत्री से सामूहिक प्रार्थना की गई। गायत्री परिवार के प्रतिनिधि महेश व्यास ने बताया कि आगजनी की घटना से हजारों लोगों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। इस अवसर पर मंडी उपाध्यक्ष जेठाराम माली, कोल चंद सोनी, वरदा राम सुथार, राण मल शर्मा, जसराज सुथार, मफाराम घांची, जोर सिंह देवड़ा, किरण कच्छावा और छगनलाल माली सहित बड़ी संख्या गायत्री परिवार के सदस्य मौजूद थे।

उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा

सांचौर त्न मुंबई में आग की घटना के बाद व्यापार संघ ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर मुंबई में सहारा मार्केट व मनीष मार्केट में आग लगने की न्यायिक जांच करने की मांग है। ज्ञापन में बताया गया है कि मार्केट में जालोर जिले के व्यापारी रोजी रोटी कमाते हैं, ज्ञापन में बताया गया कि मार्केट में मोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्प्रे, कपड़ा व मोबाइल एसेसरी की दुकानें जल गई। ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रभावितों को मदद की भी मांग की गई है। इस अवसर पर व्यापार संघ के अध्यक्ष भोपाल चंद मेहता और सचिव हरीश पुरोहित सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।




बरसों पहले बसे थे मुंबई में

भीनमाल त्न बाली निवासी मोहनलाल जुगताजी पुरोहित करीब 20 साल पहले घर से पूंजी लेकर मुंबई गए थे। इस बीच वहां सहारा मार्केट में मोबाइल पाट्र्स की दुकान शुरू की। खूब मेहनत की। पैसा भी कमाया। दूसरे लोगों को भी रोजगार दिया। इस घटना में दुकान को अच्छा खासा नुकसान हुआ। बरसों की मेहनत खाक हो गई।

बाली निवासी नानजी राम पुत्र कलाजी पुरोहित भी करीब 18 वर्ष पहले मुंबई गए थे। वहां सहारा मार्केट में दुकान शुरू की। कारोबार अच्छा सैट हुआ। तो दूसरे लोगों को भी नौकरी पर लगाया। आग के कारण उनकी दुकान भी जलकर राख हो गई। सवेरे जब घटना स्थल पर पहुंचे तो सब कुछ खाक हो चुका था।

सांचौर त्न खिरोड़ी निवासी नवल जी पुरोहित करीब 7 साल पहले मुंबई गए थे। इनकी मनीष मार्केट में तीन दुकानें थी। जिस पर पूरा परिवार काम करता था। आग के कारण तीनों दुकानें जलकर खाक हो गई। जिससे करीब 75 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। नवल जी ने बताया कि आग से सबकुछ बर्बाद हो गया। जो नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई नहीं की जा सकती।

भादरूणा निवासी जयंती पुरोहित नौ साल पहले मुंबई गए थे। इनकी मनीष मार्केट में पांच दुकानें थी। आग के कारण पांचों जलकर खाक हो गई। परिवार के सदस्य इन दुकानों पर बैठकर बिजनेस करते थे। आग के कारण करीब 90 लाख का नुकसान हुआ है। अब कमाई का कोई अन्य साधन भी नहीं रहा।
मामले की न्यायिक जांच हो

॥मैं महीने भर पहले ही यहां आया था। यहां के लोगों से मिला था। सबका कारोबार अच्छा चल रहा था। इन मार्केट में अधिकांश दुकानें जालोर जिले के लोगों की ही हैं। कुछ लोग सिरोही जिले के भी हैं। मेरी जानकारी के अनुसार जिले के कम से कम पांच हजार परिवार इन मार्केट से जुड़े हुए थे। घटना के तुरंत बाद मैं यहां पहुंच गया। दो दिन से यहीं पर हूं। इस बाजार में पैर रखने की जगह नहीं थी। हर समय रौनक से भरा रहता था यह बाजार। आज चारों ओर सन्नाटा पसरा पड़ा है। इस नुकसान का आंकलन करना मुश्किल है, लेकिन व्यापारियों को बहुत नुकसान हुआ है। मैं राजस्थान सरकार और महाराष्ट्र सरकार दोनों से व्यापारियों को मुआवजा देने की मांग करता हूं। वे इस घड़ी में व्यापारियों का साथ दें। इसके अलावा मामले की न्यायिक जांच भी होनी चाहिए। आग के कारणों को खुलासा किया जाना चाहिए। - पूरा राम चौधरी, विधायक, भीनमाल

मैं जब पहुंचा सबकुछ खत्म हो चुका था

वहां दुकान के मालिक मेड़ा निवासी भीख सिंह ने फोन पर दैनिक भास्कर को बताया कि यह घटना भयावह है। जिसे मैं देख भी नहीं सकता। सवेरे पांच बजे घर पर सोया हुआ था। अचानक जानकारी मिली कि मार्केट में आग लग गई है। कुछ सोचा ही नहीं गया। मन में बुरे बुरे ख्याल आने लगे। दुकान का क्या हुआ होगा। घर से जल्दी जल्दी में जब यहां पहुंचा तो सबकुछ खाक हो चुका था। पता ही नहीं चला, यहां कल तक रौनक थी आज कुछ भी नहीं। सबकुछ आंखों के सामने जला जा रहा था। करने को कुछ नहीं बचा था। आग इतनी तेज थी कि उसकी ओर देख भी नहीं सकते थे। फायर इंजन, टैंकर और अन्य साधनों से आग पर काबू पाने का प्रयास तो किया, लेकिन आग बेकाबू होती गई। विकराल होती गई। आसमान की ओर आग की लपटे उठी जा रही थी। लोग बदहवास से दौड़ रहे थे। थोड़ा बहुत कुछ बचा सकें तो बचा लें, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक एक कर यहां सभी व्यापारी पहुंच गए। हर कोई हतप्रभ, हर कोई विस्मित और हर कोई मजबूर सा। चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए। यहां छोटा सा जालोर बसा था। हम लोग सुख दुख में एक दूजे के काम आए। आज भी सब एक दूसरे को ढांढस दे रहे थे, लेकिन हर कोई दुखी था। मैं करीब 12 साल पहले यहां आया था। मेरे से पहले भी कई लोग यहां आकर बसे थे। बाद में कई लोग आए, लेकिन आज आग ने सबका अच्छा खासा नुकसान किया है।

शनिवार को मुंबई के एक व्यावसायिक केंद्र में आग लग गई। इससे 300 दुकानें जलकर खाक हो गई। आग बुझाने की कोशिश में दमकल विभाग के तीन कर्मचारी झुलस गए। दक्षिण मुंबई के मनीष मार्केट, सारा सहारा शापिंग कॉम्पलेक्स और मोहता मार्केट परिसर में फैली आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन की करीब 34 गाडिय़ां और 13 पानी के टैंकर लगाए गए थे। व्यावसायिक केंद्र में अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपड़े के शोरूम हैं। आग तड़के करीब पौने चार बजे लगी थी। आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है।

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