मोदरा समेत आस पास के क्षेत्र में फ्लोराइड का कहर
मोदरा। मोदरा समेत आस पास
के क्षेत्र में फ्लोराइड का कहर लोेगो के शरीर मे जहर घोल रहा है। इधर
ग्रामीण अघिक टीडीएस वाला पानी पीने को मजबूर है, उधर इन लोगों की सुनवाई
करने वाला तक कोई नहीं।
धानसा का रहने वाले ओटाराम मेघवाल को 15 दिन पहले अचानक जोड़ों मे दर्द और जकड़न की शिकायत हुई। उसने अस्पताल मे जांच करवाई तो डॉक्टर ने फ्लोराइड वाले पानी को इसका जिम्मेदार बताया। अब ओटाराम पूरी तरह से बैसाखियो के सहारे पर आ पहुंचा है।
ये कहानी यहां रहने वाले कई लोगो की हैं। ये लोग प्रशासन के गुहार लगा कर हार चुके हैं और अब अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
यह है समस्या
मोदरा क्षेत्र के धानसा और सेरणा सहित अन्य इलाको मे टीडीएस की समस्या काफी लंबे समय से बनी हुई है। सामान्य तौर पर स्वच्छ पानी का टीडीएस दो सौ से लेकर पांच सौ तक होना चाहिए। लेकिन इस क्षेत्र में आम तौर पर टीडीएस 16 सौ से 18 सौ तक पाया जाता है। वहीं पानी फिल्टर उपकरण की एक कंपनी के प्रतिनिघि की ओर से गांव मे की गई जांच मे सेरणा सहित अन्य गांव मे ये टीडीएस चार हजार के आस-पास पहुंच गया।
फिल्टर मशीन ने दिया जवाब
क्षेत्र मे टीडीएस युक्त पानी की समस्या ऎसी है कि अब फिल्टर मशीन भी जवाब देने लग गई है। पानी को फिल्टर करने वाली मशीन बनाने वाली एक कंपनी के प्रतिनिघि ने बताया कि गत दिनो धानसा में जांच के दौरान 10 हजार से अघिक टीडीएस पाया गया। जो फिल्टर मशीन के लिए भी चुनौती था। जिससे ये मशीनें भी जाम हो गई। इसी कारण क्षेत्र मे कई घरो से फिल्टर मशीनों को ही हटा लिया गया।
इनका कहना है...
मैं रात को बिस्तर मे सोया। सुबह उठा तो पैर जाम हो चुके थे। जोड़ो मे काफी दर्द हुआ। परिजन जब अस्पताल ले गए तो अस्पताल वालो ने कहा कि ये फ्लोराइड युक्त पानी के कारण हुआ है।
- ओटाराम मेघवाल, ग्रामीण, मोदरा
फ्लोराइड युक्त पानी पीने से क्षेत्र मे कई लोगों को समस्या हो रही है। मरीज ओटाराम मेरे पास आया था। उसके दोनों पांव एक-दूसरे से जुड़ चुके थे। समस्या का समाधान प्रशासन ही कर सकता है।
- चम्पालाल सोलंकी, मेलनर्स, मोदरा अस्पताल
यहां दिन-ब-दिन पानी मे टीडीएस की मात्रा बढ़ने से मरीजो की संख्या मे भी इजाफा हो रहा है। समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो हालात विकट हो सकते हैं।
- नरपतदान चारण, चिकित्सा अघिकारी, मोदरा अस्पताल
धानसा का रहने वाले ओटाराम मेघवाल को 15 दिन पहले अचानक जोड़ों मे दर्द और जकड़न की शिकायत हुई। उसने अस्पताल मे जांच करवाई तो डॉक्टर ने फ्लोराइड वाले पानी को इसका जिम्मेदार बताया। अब ओटाराम पूरी तरह से बैसाखियो के सहारे पर आ पहुंचा है।
ये कहानी यहां रहने वाले कई लोगो की हैं। ये लोग प्रशासन के गुहार लगा कर हार चुके हैं और अब अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
यह है समस्या
मोदरा क्षेत्र के धानसा और सेरणा सहित अन्य इलाको मे टीडीएस की समस्या काफी लंबे समय से बनी हुई है। सामान्य तौर पर स्वच्छ पानी का टीडीएस दो सौ से लेकर पांच सौ तक होना चाहिए। लेकिन इस क्षेत्र में आम तौर पर टीडीएस 16 सौ से 18 सौ तक पाया जाता है। वहीं पानी फिल्टर उपकरण की एक कंपनी के प्रतिनिघि की ओर से गांव मे की गई जांच मे सेरणा सहित अन्य गांव मे ये टीडीएस चार हजार के आस-पास पहुंच गया।
फिल्टर मशीन ने दिया जवाब
क्षेत्र मे टीडीएस युक्त पानी की समस्या ऎसी है कि अब फिल्टर मशीन भी जवाब देने लग गई है। पानी को फिल्टर करने वाली मशीन बनाने वाली एक कंपनी के प्रतिनिघि ने बताया कि गत दिनो धानसा में जांच के दौरान 10 हजार से अघिक टीडीएस पाया गया। जो फिल्टर मशीन के लिए भी चुनौती था। जिससे ये मशीनें भी जाम हो गई। इसी कारण क्षेत्र मे कई घरो से फिल्टर मशीनों को ही हटा लिया गया।
इनका कहना है...
मैं रात को बिस्तर मे सोया। सुबह उठा तो पैर जाम हो चुके थे। जोड़ो मे काफी दर्द हुआ। परिजन जब अस्पताल ले गए तो अस्पताल वालो ने कहा कि ये फ्लोराइड युक्त पानी के कारण हुआ है।
- ओटाराम मेघवाल, ग्रामीण, मोदरा
फ्लोराइड युक्त पानी पीने से क्षेत्र मे कई लोगों को समस्या हो रही है। मरीज ओटाराम मेरे पास आया था। उसके दोनों पांव एक-दूसरे से जुड़ चुके थे। समस्या का समाधान प्रशासन ही कर सकता है।
- चम्पालाल सोलंकी, मेलनर्स, मोदरा अस्पताल
यहां दिन-ब-दिन पानी मे टीडीएस की मात्रा बढ़ने से मरीजो की संख्या मे भी इजाफा हो रहा है। समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो हालात विकट हो सकते हैं।
- नरपतदान चारण, चिकित्सा अघिकारी, मोदरा अस्पताल
मोदरा समेत आस पास के क्षेत्र में फ्लोराइड का कहर
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